ऊँगली की स्किन पानी में काम करने से सिकुड़ क्यों जाती है |

आपने ये देखा होगा कि पानी में देर तक काम करने के बाद हाथ-पैर की उँगलियों की त्वचा सिकुड़ सी जाती है. भले ही आप हाथ पोछ कर सुखा लें, पर फिर भी काफी देर तक उँगलियों की त्वचा पर झुर्रियां बनी रहती हैं और धीरे धीरे समान्य होती हैं. क्या आप जानते हैं इसका कारण क्या है ?

पानी गर्म हो ठंडा इससे भी फर्क नहीं पड़ता, आपकी ऊँगली की स्किन दोनों तरह के पानी में सिकुड़ती है. उँगलियों का इस प्रकार सिकुड़ना शरीर की एक अनैच्छिक क्रिया है. अनैच्छिक क्रिया मतलब शरीर की वो क्रियाएँ जो हमारे कंट्रोल के बिना भी चलती रहती हैं जैसे हृदय गति, स्वांस क्रिया आदि.

वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोगों में पाया कि उँगलियों की त्वचा का ऐसे सिकुड़ जाने से वस्तुओं पर हाथ की पकड़ ज्यादा मजबूत हो जाती है और वस्तुएँ हाथ से फिसलती नहीं. जैसे कि गाड़ियों के टायर पर बने कटाव और पैटर्न सड़क पर गाड़ी की पकड़ मजबूत बनाये रखते हैं.
ऊँगली के त्वचा की यह प्रतिक्रिया मनुष्य जाति के क्रमिक विकास का परिणाम माना गया है. वैज्ञानिक मानते हैं कि आदिकाल में मनुष्य मछलियाँ पकड़ने जैसे कार्य की वजह से काफी देर तक पानी में रहता था. उँगलियों के इस प्रकार हो जाने से उसे पानी में शिकार पकड़ने में सहायता मिलती होगी. इसके अलावा बारिश के मौसम में चलते समय पैर के उँगलियों की त्वचा सिकुड़ने से मनुष्य को पैर जमा के चलने में आसानी होती होगी.

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