इस वर्ष मां भक्तों को दर्शन देने के लिए घोड़े पर सवार होकर आ रही है और हाथी पर विदा होंगी

चैत्र नवरात्र जो कि इस वर्ष छह अप्रैल को प्रारंभ होगा। यह 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस वर्ष मां भक्तों को दर्शन देने के लिए घोड़े पर सवार होकर आ रही है और हाथी पर विदा होंगी। यूं तो सभी को पता है कि मां दुर्गा का वाहन सिंह है परंतु नवरात्रि को तिथि और दिन के अनुसार मां भक्तों को अलग-अलग सवारी के साथ दर्शन देती है।

धर्म शास्त्रों के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, किन्तु इनमें से दो नवरात्रि – चैत्र और आषाढ़ ही लोगों के बीच लोकप्रिय है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्रों का समय बहुत ही भाग्यशाली बताया गया है। इसका एक कारण यह भी है कि प्रकृति में इस समय हर और नये जीवन का, एक नई उम्मीद का बीज अंकुरित होने लगता है। जनमानस में भी एक नई उर्जा का संचार हो रहा होता है

हिन्दू धर्म में प्रत्येक देवी-देवता की एक सवारी (वाहन) है। हर देवी-देवता से जुड़े वाहन का महत्व एवं उसके पीछे एक अर्थ भी छिपा है। मां भगवती की सवारी शेर (बाघ) है। हर देवी मंदिर में आप ने मां दुर्गा को शेर की सवारी करते हुए ही पाएंगे। किन्तु नवरात्रि पर्व की बात करें तो इस दौरान अपने भक्तों को दर्शन के लिए देवी अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं।

चैत्र नवरात्रि 2019 के पावन पर्व के लिए मां भगवती ‘घोड़े’ की सवारी करके आएंगी। चैत्र नवरात्रि जो कि इस वर्ष 6 अप्रैल 2019, दिन शनिवार से प्रारम्भ होकर 14 अप्रैल 2019, दिन रविवार तक चलेंगे, देवी ‘हाथी’ की सवारी करते हुए पृथ्वी से विदा लेंगी।

धर्म ग्रंथो में कहा गया है – ‘शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकी‌र्त्तिता’, इस कथन में कलश स्थापन के प्रथम दिन के हिसाब से ही देवी के वाहन का पता लगाया जाता है।

सोमवार – हाथी

मंगलवार – घोड़ा

बुधवार – नाव

गुरूवार – डोली

शुक्रवार – डोली

शनिवार – घोड़ा

रविवार – हाथी

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