केंट बोर्ड कार्यालय और केंट हॉस्पिटल में आज़ सी बी आई द्वारा छापामार कार्यवाही

केंट बोर्ड कार्यालय और केंट हॉस्पिटल में आज़ सी बी आई द्वारा छापामार कार्यवाही करते हुए अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आराधना पाठक कर्मचारी सुनील व उसके पुत्र को हिरासत में ले लिया गया ।
लेकिन कार्यालय अधीक्षक एम ए जफ़र उनके हाथ नही लग सके

विदित हो के केंट अस्पताल में सन 2011 में हुए दवा खरीद टेंडर में अस्पताल की ही पूर्व चिकित्सा अधिकारी अनुराधा गुप्ता द्वारा घपला किये जाने की शिकायत सी बी आई को की गई थी जिसके उपरांत सी बी आई द्वारा 2015 में जांच प्रारम्भ की गई व अक्टूबर 2018 में केंट बोर्ड से तत्कालीन सी ई ओ की गरमोजूदगी में टेंडर खोलने वाले कार्यालय अधीक्षक एम ए जफ़र व अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी आराधना पाठक व एक् अन्य कर्मचारी के खिलाफ़ अभियोजन की अनुमति मांगी गई लेकिन 15 नवंबर को हुई केंट बोर्ड की बैठक में उक्त मांग को खारिज़ करते हुए बोर्ड द्वारा अपनी ही एक् 3 सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गयी थी जिसे 2 माह में अपनी रिपोर्ट बोर्ड को देनी थी । बाद में उक्त कमेटी का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया ।

लेकिन आज़ अप्रत्याशित रूप से उक्त मामले में हरकत में आई सी बी आई द्वारा केंट हॉस्पिटल व छावनी परिषद मेरठ कार्यालय में छापामार कार्यवाही करते हुए अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आराधना पाठक व अस्पताल के एक् अन्य कर्मचासरी सुशील व उसके पुत्र को हिरासत में ले लिया गया ।

लेकिन जब सी बी आई टीम छावनी परिषद कार्यालय में कार्यालय अधीक्षक एम ए जफ़र को हिरासत में लेने पहुंची तब तक वो फरार हो चुके थे ।

केंट बोर्ड में सी बी आई की कार्यवाही के चलते खूब हंगामा हुआ । सी बी आई अधिकारी नीलाभ ओझा द्वारा उक्त विषय मे बोर्ड की अनुमति न दिए जाने की बात पूछने पर उनके द्वारा बताया गया के सी बी आई का दायरा बहुत बड़ा होता है । विदित हो के मेरठ केंट बोर्ड में सी बी आई के आने की वजह बनने वाला ये चौथा विषय है ॥

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

scroll to top